नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- ज्योतिष शास्त्र में काल सर्प दोष को अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में यह दोष होता है, उसे जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह दोष व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से भी प्रभावित करता है। ऐसे में काल सर्प दोष की शांति के लिए विधि-विधान से पूजा करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। चलिए जानते हैं कि काल सर्प कैसे बनता है और इसके लक्षण क्या है। साथ ही इसे दूर करने के उपाय भी जानते हैं। यह भी पढ़ें- Kalashtami 2026: वैशाख माह की कालाष्टमी कब है? भूलकर भी ना करें ये कामकाल सर्प दोष कब जानता है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब काल सर्प दोष नामक योग बनता है। इस स्थिति में ऐसा प्रतीत होता है मानो सभी ग्रह किसी ...