प्रयागराज, नवम्बर 24 -- प्रयागराज, संवाददाता। सिख धर्म के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित तीन दिवसीय शहीदी समागम के दूसरे दिन सोमवार को अहियापुर स्थित गुरुद्वारा पक्की संगत में स्मृति दरबार सजाया गया। समागम में सामूहिक अरदास हुई। समागम की अध्यक्षता कर रहे श्री पंचायती अखाड़ा कनखल हरिद्वार के महंत ज्ञान देव सिंह वेदांताचार्य ने कहा कि मानवता के लिए किए गए गुरु साहिब के त्याग और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। महंत ज्ञान सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर के साथ तीन सिख वीर दयाला, भाई मतीदास और सतीदास का बलिदान अमर है। महंत के नेतृत्व में दीवान की शुरुआत गुरुवाणी से हुई। रागी जत्थों ने गुरुवाणी और कीर्तन की प्रस्तुति की। इस मौके पर गुरु का लंगर छककर संगत निहाल हुई। महंत ने बताया कि मंगलवार को गुरुद्वार...