गंगापार, मई 30 -- मांडा पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में गर्मी बढ़ने के साथ ही जलस्तर नीचे जाने के कारण ज्यादातर कुओं और हैंडपंपों के सूखने का सिलसिला शुरू हो गया है। हर साल गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र के तमाम गांवों में स्थानीय प्रशासन को टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराना पड़ता है, लेकिन अभी टैंकर से पेयजल आपूर्ति शुरु नहीं हुई है। कुओं और हैंडपंपों के सूखने के साथ ही पेयजल संकट गहराना शुरु हो गया है। क्षेत्र के मंगरौल आदिवासी बस्ती के इकलौते कुएं के मटमैले पानी के लिए भी सुबह से शाम तक लोगों की भारी भीड़ डटी रहती है। जनपद के दक्षिणी पहाड़ी भूभाग में स्थित मांडा विकास खंड क्षेत्र के उपरौध कहे जाने वाले लगभग तीन दर्जन पहाड़ी गांवों में कुंओं, नदी, तालाबों और नहरों में पानी न होने से मांडा क्षेत्र का जलस्तर अप्रैल बीतते बीतते काफी नीचे चला जाता...