नई दिल्ली, मार्च 5 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सुरक्षा धर्म से ऊपर है। अदालत ने हवाई अड्डे के पास एक अस्थायी शेड में ऑटो-टैक्सी चालकों को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी। अदालत ने कहा कि किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति बी. पी. कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदौस पूनीवाला की पीठ ने कहा कि रमजान इस्लाम का जरूरी हिस्सा है, लेकिन इसे मानने वाले किसी भी जगह, खासकर हवाई अड्डे के आस-पास, जहां सुरक्षा को लेकर उच्च स्तर की चिंता है, नमाज पढ़ने का धार्मिक अधिकार होने का दावा नहीं कर सकते।हवाई अड्डा सुरक्षा के पहलू पर बार-बार जोर देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वह सावधानी को नजरअंदाज नहीं करेगा। अदालत टैक्सी-रिक्शा ओला-उबर मेन्स यूनियन की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर...