बलरामपुर, जुलाई 14 -- तुलसीपुर, संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने तुलसीपुर क्षेत्र में देवीपाटन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि क्रय मामले में राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग को अहम निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी भू-स्वामी पर कम कीमत पर जमीन बेचने का दबाव नहीं बनाया जा सकता और उनकी सहमति जबरन प्राप्त करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। न्यायमूर्ति आलोक माथुर व न्यायमूर्ति अभिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने गुलाबचंद भारती सहित सात याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने ग्राम पाटन, तुलसीपुर के विभिन्न गाटा संख्या की भूमि को बिना उचित अधिग्रहण प्रक्रिया और बाजार दर का मुआवजा दिए लेने पर रोक लगाने की मांग की थी। यह भी पढ़ें- Varanasi News: सीवेज पाइपलाइन विवाद में जमींदार...