आजमगढ़, फरवरी 5 -- आजमगढ़, संवाददाता। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ ही खाद बीज के लिए भी फार्मर रजिस्ट्री जरूरी है। आधार और खतौनी में नाम मिसमैच की समस्या आ रही है, जिससे उनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। खतौनी में नाम संशोधन के लिए किसान तहसील का चक्कर काट रहे हैं। जनपद में करीब 8.27 लाख किसान पंजीकृत है। करीब 5.5 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हुई है। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री न होने पर वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हो सकते हैं। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जानी है। किसानों के आधार, बैंक पासबुक, खतौनी से संबंधित पूरा डाटा डिजिटल प्लेट फार्म पर दर्ज किया जाना है। प्रक्रिया पूरी होने बाद किसानों को योजना का ...