बदायूं, अप्रैल 29 -- बी पैक्स खुनक में किसान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मक्का की फसल से अच्छा उत्पादन लेने एवं रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करने पर चर्चा की गई। क्षेत्रीय प्रबंधक इफको जितेंद्र कुमार ने किसानों का रासयनिक उर्वरकों की खपत कम कर नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होने कहा कि 30-60 दिन की मक्का की फसल में इफको की नैनो यूरिया-500 मिली, इफको सागारिका-500 मिली एवं नैनो जिंक 100 मिली का प्रति एकड़ की दर से सम्मलित इस्तेमाल करने से यूरिया के मिट्टी पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह भी पढ़ें- खेतों की मिट्टी जांच कराकर उसी के अनुसार करें खेती: डीएओ ऐसा करने से फसल भी स्वस्थ होगी। जायद में मक्का,मेंथा एवं मूंगफली की फसल में यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं ...