पौड़ी, नवम्बर 6 -- राज्य स्थापना की रजत जयंती को लेकर उद्यान विभाग के तत्वावधान में पौड़ी में औद्यानिक फसलों में टपक सिंचाई विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी ने किसानों से कहा कि पर्वतीय जिलों में जल संसाधनों का समुचित उपयोग व संरक्षण भविष्य की स्थाई कृषि के लिए जरूरी है। टपक सिंचाई जैसी तकनीकें पानी की बचत के साथ किसानों की मेहनत और लागत दोनों को कम सकती है। कहा कि लिहाजा किसानों को इस तकनीक के बारे में बताने के लिए फील्ड डेमोंस्ट्रेशन व ट्रेनिंग बढ़ाई जाए। पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फल, सब्जी, फूल व औषधीय पौधों की खेती को किसानों को करना चाहिए। इनसे उनकी आय में इजाफा होगा। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. टीपीएस बिष्ट ने आय बढ़ाने के लिए बागवानी केंद्रित एकी...