मुजफ्फर नगर, मार्च 18 -- मुजफ्फरनगर। किसान की हत्या के मामले में 14 साल बाद तीन आरोपियों को जिला जज की कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अभियोजन की तरफ से कोर्ट में सात गवाह पेश किए गए, लेकिन सभी के बयानों में विरोधाभास पाया गया। अभियोजन कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के साक्ष्यों को साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार त्यागी, मोहम्मद आबिद व टीटू सिंह ने बताया कि खतौली थाना क्षेत्र के गांव टिटौडा में गत 21 फरवरी 2012 को किसान ऋषिपाल अपने भाई सोमवीर के साथ खेत पर काम करने के लिए गया था। सोमवीर शाम को वापस आ गया, लेकिन ऋषिपाल खेत पर काम करता रहा। रात्रि में किसान ऋषिपाल के वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। अगले दिन उसका शव जंगल में चकरोड पर पडा मिला। इस संबंध में सोमवीर ने अज्ञात के खिलाफ खतौली ...