मुजफ्फरपुर, जून 17 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले के लीची किसानों को उधार लिया पैसा लौटाना मुश्किल हो रहा है। इन पैसों से किसानों ने लीची के बाग की जुताई, सिंचाई, गोबर खाद, छिड़काव कर तो लिए, लेकिन फसल ने इनका साथ नहीं दिया। मजबूरन अब नये लोगों से उधार लेकर वे पहले का उधार चुका रहे हैं। तगादे से बचने के लिए इन्हें मुंह भी छिपाना पड़ रहा है।

किसानों की आर्थिक स्थिति मीनापुर के मानिकपुर निवासी महेन्द्र प्रसाद काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि 30 लाख का बागान था। इसमें पांच लाख रुपये सिंचाई, खाद और दवा के छिड़काव पर खर्च कर दिया। भरोसा था कि फसल आने के बाद उधार के पैसे लौटा देंगे, लेकिन उम्मीदों पर फसल ने पानी फेर दिया। फसल पूरी तरह चौपट हो गया। बागान से मुश्किल से पांच लाख रुपये निकल पाया है। अब 30 लाख की देनदारी माथे पर है। इसक...