लखनऊ, जून 8 -- राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) की ओर से सोमवार गोसाईंगंज ब्लॉक के ठाकुरपुर गांव में 'खेत बचाओ अभियान' के तहत ग्रामीणों को मृदा स्वास्थ्य व संतुलित उर्वरक के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान किसानों ने खेत बचाने का संकल्प लिया। संस्थान की वैज्ञानिक टीम ने संतुलित मात्रा में नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के प्रयोग पर बल दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि खेती की आवश्यकता के समय नहर में पानी नहीं आता है। वहीं, गांव में नहर का आखिरी छोर होने के कारण उनके खेतों में असमय पानी भर जाता है। किसानों ने बताया कि नील गाय व छुट्टा जानवरों से वह सभी परेशान हैं। यह भी पढ़ें- खेत बचाओ अभियान चलाया संस्थान की टीम में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शरद कुमार सिंह, वैज्ञानिक डॉ. ताराचन्द, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार...