चंदौली, अप्रैल 22 -- चंदौली, संवाददाता। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान एवं कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से संतुलित उर्वरक, उचित प्रबंधन, स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध किसान विषय पर बुधवार को केवीके सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित पोषण प्रबंधन तथा जैविक एवं टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के कृषि विशेषज्ञ डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। इससे लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही भूमि की उर्वरता बनी रहेगी।केवीके वैज्ञानिक डॉ. अभयदीप गौतम ने प्राकृतिक एवं जैविक विधि से बीज उपचार के बारे में जानकारी दी। यह भी पढ़ें- अररिया: मृदा परीक्षण के आधार पर ही किसान करें उर्वरकों का इस्तेमाल: कृषि वैज्ञान...