बेगुसराय, जुलाई 13 -- सिंघौल, निज संवाददाता। मटिहानी प्रखंड के हांसपुर में उपनिदेशक पौधा संरक्षण मुंगेर प्रमंडल श्वेता कुमारी एवं सहायक निदेशक पौधा संरक्षण रीमा कुमारी द्वारा किसान के खेत में पहुंचकर ट्राइकोडर्मा जैवकीटनाशी से बिचड़ा उपचारित कर के दिखाया गया। साथ ही इस प्रक्रिया की विशेषता बतलाई गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि ट्राइकोडर्मा एक जैवकीटनाशी है इसके उपयोग से धान के पौधे में मृदा जनित रोग जैसे गलका रोग,भूरा धब्बा रोग, सड़न आदि नहीं लगता है। यह मिट्टी के संरचना को भी बेहतर बनाता है तथा जड़ों को सूक्ष्मपोशक तत्वों के अवशोषण में भी मदद करता है। पांच मिली प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर बिचड़ा को उपचारित करना चाहिए। अधिकारियों ने मक्का के खेत का भी भ्रमण किया गया जिसमें फॉल आर्मी वॉर्म कीट का प्रकोप पाया गया इसके उचित प्रबंधन पर भी जानका...