मेरठ, जून 3 -- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में मंगलवार को भाकृअनुप-केंद्रीय आलू अनुसंधान क्षेत्रीय केंद्र, मोदीपुरम मेरठ द्वारा "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत ग्राम टेहरकी, ब्लॉक सरधना में किसान जागरूकता कार्यक्रम हुआ। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एस. सुभाष ने मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने जैविक विधियों को अपनाने पर जोर देते हुए प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभों के बारे में बताया। मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने किसानों को वर्मी-कम्पोस्ट एवं हरी खाद के उपयोग के माध्यम से टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित किया। यह भी पढ़ें- 30 जून तक चलेगा 'खेत बचाओ अभियान' उन्होंने कहा कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और उत्पादन ल...