किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ मिलेट फसलों को भी अपनाना चाहिए : चित्रा सिंह मुंडा
रामगढ़, जुलाई 11 -- दुलमी, निज प्रतिनिधि बदलते मौसम और संभावित सूखे की चुनौती को देखते हुए किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को चितरपुर प्रखंड के मायल स्थित सामुदायिक भवन में झारखंड राज्य मिलेट मिशन के तहत कृषि शिविर आयोजित किया गया। शिविर में किसानों को ज्वार, बाजरा, रागी समेत विभिन्न मिलेट एवं दलहन फसलों की खेती की वैज्ञानिक जानकारी दी गयी। साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किसानों का पंजीकरण भी कराया गया। मुख्य रूप से शामिल प्रखंड कृषि पदाधिकारी चित्रा सिंह मुंडा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण खेती की परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। यह भी पढ़ें- Bokaro News: कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए किसानों को सलाह ऐसे में किसानों को पारंपरिक धान की खे...
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