गोंडा, अगस्त 12 -- गोण्डा। क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र करनपुर और रेशम निदेशालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित गोष्ठी को शहतूत की खेती की जानकाीर दी गई। वैज्ञानिक डॉ. राम लखन राम ने शहतूत की उन्नत खेती, सिंचाई, खाद-उर्वरक, कटाई-छंटाई और कीट प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने सी-2038 किस्म अपनाने पर जोर दिया। आगामी पांच वर्षो में शहतूत क्षेत्र और कच्चे रेशम का उत्पादन बढ़ाने की योजना बताई गई। किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। यह भी पढ़ें- रेशम उत्पादन का 50 से अधिक किसानों ने लिया प्रशिक्षण

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