जौनपुर, जुलाई 16 -- नौपेड़वा, हिन्दुस्तान संवाद। बक्शा कृषि विज्ञान केंद्र पर गुरुवार को कृषि विभाग की ओर से श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत किसान गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती की तकनीक और श्रीअन्न के महत्व की जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक और केंद्राध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार कनौजिया ने कहा कि श्रीअन्न केवल एक फसल नहीं, बल्कि पोषण सुरक्षा का मजबूत आधार है। उन्होंने किसानों से गेहूं-धान के पारंपरिक चक्र से बाहर निकलकर मोटे अनाजों की खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और आय में भी वृद्धि होगी। डॉ. राजीव सिंह ने बाजरा, कोदो, सावां और रागी की उन्नत किस्मों की खेती, बीज उपचार, समय से बुवाई तथा जैविक खाद के उपयोग की जानकारी दी। यह भी पढ़ें- श्री अन्न के लिए शिक...