लखनऊ, अक्टूबर 4 -- प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बीते 36 घंटे से अधिक समय तक हुई बरसात ने किसानों की नींद उड़ा दी है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों से उनकी चिंता और बढ़ गई है। इससे जल्द पकने वाली या कम अवधि वाली धान की फसलों और हार्वेस्टिंग के बाद खलिहान में पड़ी फसलों को नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसके साथ ही मूंग और उड़द को तो इस बरसात से भारी क्षति पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। पिछले साल इसी समय बुंदेलखंड में इसी तरह से खूब बारिश हुई थी, जिससे मूंग-उड़द की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई थी। यह बात अलग है कि विलंब से बोए गए धान विशेषकर शांभा, मंसूरी व नाटी मंसूरी (एमटीयू 7029) जैसी वेराइटी जो पूरे पूर्वांचल में बोया जाता है, को यह बारिश काफी लाभदायक है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अक्तूबर तक प्रदेश के ज्यादातर...
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