नई दिल्ली, मार्च 4 -- पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते भारत के लिए सिर्फ पेट्रोलियम पदार्थों का ही संकट पैदा नहीं होगा बल्कि उर्वरकों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। यह खबर किसानों के लिए अच्छी नहीं है। पेट्रोलियम की भांति ही उर्वरकों के मामले में भी भारत खाड़ी देशों पर निर्भर है। इसके अलावा सोना, खजूर जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों की कमी का सामना भारत को करना पड़ सकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत का खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह देशों के साथ वित्त वर्ष 2024-25 में कुल द्विपक्षीय व्यापार भारतीय मुद्रा में लगभग 15.56 लाख करोड़ रहा है। ऐसे में खाड़ी देश भारत के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं, लेकिन मौजूदा तनाव के बीच भारत के लिए तमाम स्तर पर चुनौतियां खड़ी हो सकती है। जानकार मानते हैं कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लंबा चलता है और खाड़...
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