बोकारो, जनवरी 7 -- पेटरवार, प्रतिनिधि। केंचुआ जैविक खाद किसान का सच्चा मित्र है जो किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उक्त बातें कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान व वरीय वैज्ञानिक डॉ रंजय कुमार सिंह ने बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि केंचुए द्वारा निर्मित खाद को सोना खाद भी कहा जाता है, क्योंकि यह मिट्टी के लिए अत्यंत पोषक और लाभकारी होता है। कहा कि वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा में वृद्धि होती है, जल धारण क्षमता बेहतर होती है और फसल के उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। कहा कि किसानों को जैविक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा वर्मी कम्पोस्ट के लाभों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानों को मिट्टी की उर्वरता शक्ति बनाए रखने और जैविक खाद के उपयोग से बेहत...
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