बरेली, अक्टूबर 19 -- पंकज वत्स केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) के भुवनेश्वर केंद्र के वैज्ञानिकों ने बत्तख की एक उन्नत नस्ल विकसित की है, जो सामान्य बत्तखों के मुकाबले लगभग दोगुने अंडे दे सकती है। 'भुवनेश्वरी डक' नाम की यह नस्ल व्यावसायिक पोल्ट्री फार्म के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में घर के आसपास बत्तख पालने वाले किसानों के लिए भी तैयार की गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अनुकूल फार्म परिस्थितियों में यह सालभर में अधिकतम 280 अंडे दे सकती है, जबकि बैकयार्ड यानी घर के आसपास सीमित संसाधनों में पालन करने पर भी 200 तक अंडे देगी।

भुवनेश्वरी डक की अंडा उत्पादन क्षमता सीएआरआई भुवनेश्वर केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एके भांजा ने बताया कि देश में प्रचलित सामान्य बत्तखें सालभर में करीब 140 से 150 अंडे देती हैं। इनके अंडों का वजन लगभग 60 ग्राम होता ह...