नई दिल्ली, मई 29 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में ईशा फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे कावेरी कॉलिंग अभियान के तहत पेड़ आधारित खेती से किसानों को हो रहे फायदे के बारे में बताने व पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में किसान व इस प्रोजेक्ट के निदेशक ने अपने विचार रखे। तमिलनाडु के किसान वल्लुवन ने कहा है कि पेड़ आधारित और बहुफसली खेती किसानों को लगातार मुनाफा दे रही है। कभी नारियल की पारंपरिक खेती में नुकसान झेलने वाले वल्लुवन ने अब अपनी आय छह गुना तक बढ़ा ली है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) से सम्मानित वल्लुवन ने बताया कि कम जुताई, मल्चिंग और कवर क्रॉपिंग जैसी तकनीकों ने खेती की लागत घटाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई। यह भी पढ़ें- कि...