नई दिल्ली, अक्टूबर 10 -- मुंबई में लोगों की निजी जिंदगी से जुड़ी जानकारियां पैसे लेकर उपलब्ध कराने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सब्सक्राइबर डिटेल रिकॉर्ड (एसडीआर) और मोबाइल टावर की लोकेशन से जुड़ा डेटा हासिल कर उसे बेचता था। इस जानकारी के जरिए लोगों की गतिविधियों, संपर्कों और उनकी आवाजाही पर नजर रखी जा सकती थी। इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि झारखंड और बिहार में तैनात दो पुलिस कांस्टेबलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से ग्राहकों से पैसे लेता था। जोड़े के बीच कथित धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए सीडीआर हासिल करने के मामले में 5,000 रुपये तक वसूले जाते थे।सोशल म...