नई दिल्ली, मई 6 -- जनता का पैसा और जनहित की जमीन, लेकिन हिसाब देने के वक्त उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(यूपीएमआरसी) के पास 'समय' नहीं है। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट करे हुए जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के विवरण को यूपीएमआरसी ने 'समय की बर्बादी' करार देते हुए सूचना देने से साफ इनकार कर दिया है। आरटीआई के माध्यम से विभाग से पूछा गया था कि मेट्रो निर्माण में किन व्यक्तियों, संस्थाओं अथवा विभागों की जमीन अधिग्रहित, लीज पर ली की गयी है। इसके लिए कितने व्यक्तियों, संस्थानों, विभागों को मुआवजा अथवा भुगतान दिया गया। यदि हां तो किसे कितना। इसके जवाब में जन सूचना अधिकारी पुष्पा बेल्लानी ने तर्क दिया कि मांगी गई जानकारी अत्यंत व्यापक है। विभाग के अनुसार इस डेटा को संकलित करना कंपनी के संसाधनों और समय का 'अनुपातहीन रूप से दुरुपयोग' होगा।कितनी कमाई और कितन...
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