बिजनौर, फरवरी 3 -- पॉक्सो कोर्ट की विशेष सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडे ने मदरसे में रहकर अध्यापन कार्य कर रही 14 वर्षीय किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में उस्मान उर्फ हसन उर्फ कल्लू को दोषी पाकर 7 साल की सजा और 75000 का जुर्माना लगाया। वहीं इस घटना में शामिल मददगार महिला मेहसर जहां को 1 साल की सजा और दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया। एडीजीसी भालेंद्र राठौड़ ने बताया कि जिला मुजफ्फरनगर की 14 वर्षीय निराश्रित किशोरी बिजनौर क्षेत्र के एक मदरसे में रहकर शिक्षा ग्रहण करती है और रात को भी मदरसे में ही रहती है। उसकी मां की मौ हो चुकी है जबकि पिता गरीबी के कारण केरल में कपड़ों का काम करता है। 2 अगस्त 2024 की रात को उसे उल्टी बुखार आया। रात में मदरसे के उस्मान उर्फ़ हसन उर्फ कल्लू पुत्र शाहनवाज ने उसे ड्रिप लगाकर इंजेक्शन दिया और दवाई दी और एक लड...
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