औरैया, जून 2 -- औरैया, संवाददाता। जनपद न्यायालय ने किशोरी को भगाने के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए कहा कि नाबालिग की सहमति का कोई विधिक महत्व नहीं है। मामला थाना अछल्दा क्षेत्र से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार 19 मई 2026 को नाबालिग किशोरी को आरोपी उपेंद्र सेंगर उर्फ छोटू अपने साथ ले गया था। मामले में थाना अछल्दा में मुकदमा अपराध संख्या 91/2026 के तहत धारा 137(2) तथा 87 बीएनएस के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी。 यह भी पढ़ें- दुष्कर्म के आरोपी की बेल अर्जी रद्दन्यायालय का निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत पत्रावली के अनुसार पीड़िता की उम्र घटना के समय 16 वर्ष 11 माह 18 दिन बताई गई। पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि वह आरोपी को एक वर्ष से जानती थी और उसके साथ मथुरा चली गई थी। हालांकि न्या...