कानपुर, सितम्बर 5 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता बचपन के टीकों के बाद किशोरावस्था में भी टीकाकरण को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इस उम्र में लगाए जाने वाले जरूरी टीके न केवल गंभीर संक्रमण से बचाते हैं, बल्कि आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर और गर्भावस्था में होने वाली जटिलताओं का खतरा भी कम करते हैं। किशोर टीकाकरण के इसी महत्व पर आईएसओपीएआरबी कानपुर सोसायटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. रेशमा निगम ने अभिभावकों से बच्चों के टीकाकरण को लेकर जागरूक रहने की अपील की। डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने कहा कि किशोरावस्था में टीकाकरण भविष्य के बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य की नींव तैयार करता है। डॉ. नीलम मिश्रा ने बताया कि एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण है। यहां डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. विवेक सक्सेना, डॉ. राशि मिश्रा, डॉ. आरती सिंह, डॉ. शुभी वरयान...