भागलपुर, अप्रैल 6 -- किशनगंज। सीमावर्ती और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों वाले किशनगंज जिले में लंबे समय से एक बड़ी समस्या यह रही है कि गंभीर बीमारी, प्रसव या आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूरदराज के शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। समय पर इलाज नहीं मिलने, आर्थिक बोझ बढ़ने और परिवहन की सीमित सुविधा के कारण कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है। यही वह वास्तविकता है, जिसने ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता को और अधिक जरूरी बना दिया है। मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत शुरू की गई पहल इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य है कि अब गांव और प्रखंड स्तर पर ही लोगों को आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो सके। यह योजना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि आमजन के जीवन...
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