किशनगंज : समय पर जांच ही है जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा
भागलपुर, अप्रैल 20 -- किशनगंज से शैलेश ओझा की रिपोर्ट समाज में आज भी यह एक आम धारणा है कि खांसी, बुखार या कमजोरी जैसी समस्याएं मौसम या सामान्य संक्रमण का हिस्सा हैं। लोग इन लक्षणों के साथ हफ्तों तक जीते रहते हैं, घरेलू उपचार करते हैं या आसपास के डॉक्टर से साधारण दवा लेकर संतुष्ट हो जाते हैं। लेकिन यही लापरवाही कई बार गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है-क्योंकि हर खांसी साधारण नहीं होती। दो सप्ताह से अधिक समय तक चलने वाली खांसी, लगातार बुखार, वजन में कमी या कमजोरी-ये संकेत हो सकते हैं टीबी जैसे गंभीर रोग के। समस्या तब और जटिल हो जाती है, जब शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान गलत हो जाए। टाइफाइड या निमोनिया जैसे नामों के बीच असली बीमारी छुप जाती है, और मरीज सही इलाज से दूर होता चला जाता है। ऐसी ही एक स्थिति से गुजरीं किशनगंज शहर की "सबा परवीन", जिन...
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