भागलपुर, मार्च 21 -- किशनगंज। एक संवाददाता शनिवार को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप की पूजा हुई। तृतीय चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा विधि विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। शहर के प्रसिद्ध बड़ी कोठी दुर्गा मंदिर सहित कई मंदिरों में मां दुर्गा की आराधना के साथ पूजा अर्चना शुरू हो गई है। नवरात्रि के तीसरे दिन विशेष रूप से दुर्गा मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाती है।पंडित डॉ. धनतोष पांडे ने कहा कि मां चंद्रघंटा की पूजा करने से जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की मिलती है और देवी मां की कृपा सदा बनी रहती है। मां चंद्रघंटा भय मुक्ति का वरदान देती हैं और साथ ही आपका आत्मविश्वास बढ़ाती हैं।देवी चंद्रघंटा का वाहन सिंह है। इनकी दस भुजाएं और तीन आंखें हैं। आठ हाथों में खड्ग, बाण आदि दिव्य अस्त्र-शस्त्र हैं। दो हाथों से ये भक्तों को आशीष देती हैं। इनका सं...