भागलपुर, जनवरी 13 -- किशनगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। बचपन को कुपोषण से सुरक्षित रखना किसी भी समाज के स्वस्थ भविष्य की बुनियाद होता है। किशनगंज जिले में इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुपोषण उन्मूलन के प्रयासों को नई दिशा दी गई है। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा जारी नवीन निर्देशों के आलोक में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की सेवाओं का विस्तार किया गया है, ताकि कुपोषण से ग्रसित बच्चों को समय रहते समुचित उपचार और पोषण संबंधी सहयोग मिल सके। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि अब तक पोषण पुनर्वास केंद्रों में केवल गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) से पीड़ित बच्चों को ही भर्ती किया जाता था। किंतु अब ऐसे मध्यम तीव्र कुपोषित (एमएएम) बच्चे, जिनमें एनीमिया, रिकेट्स, विटामिन की कमी अथवा अन्य चिकित्सीय जटिलताएं पा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.