भागलपुर, मई 28 -- राकेश कुमार की रिपोर्ट किशनगंज, वरीय संवाददाता। टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि ऐसी संक्रामक चुनौती है जिसे नजरअंदाज करना पूरे परिवार और समाज पर भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच नहीं कराने और बीच में दवा छोड़ देने की आदत टीबी को और अधिक खतरनाक बना रही है। यही लापरवाही आगे चलकर एमडीआर टीबी जैसी गंभीर स्थिति में बदल जाती है, जिसका इलाज लंबा, कठिन और कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसी खतरे को देखते हुए जिले में टीबी के खिलाफ चल रहा अभियान अब केवल मरीज खोजने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोगों को यह समझाने पर भी जोर दिया जा रहा है कि अधूरा इलाज पूरे समाज के लिए खतरा बन सकता है। यह भी पढ़ें- किशनगंज : अधूरा इलाज बना रहा एमडीआर टीबी का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया सतर्क गांवों से ...