भागलपुर, जून 4 -- शैलेश ओझा की रिपोर्ट किशनगंज। महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित गर्भपात सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में चिकित्सा गर्भसमापन अधिनियम (एमटीपी एक्ट) के तहत सुरक्षित गर्भपात महिलाओं का कानूनी अधिकार है और यह सेवाएं केवल अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से जिले में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का क्षमतावर्धन किया जा रहा है ताकि वे महिलाओं को सुरक्षित एवं कानूनी गर्भ समापन सेवाओं के बारे में सही जानकारी प्रदान कर सकें तथा असुरक्षित गर्भपात से होने वाले जोखिमों को कम किया जा सके। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ष 1971 से पूर्व किसी भी प्रकार का गर्भ समापन अवैध माना जाता था। इसके कारण महिलाएं घरेलू उपायों अथवा अप्रश...