भागलपुर, मई 18 -- राकेश कुमार की रिपोर्ट आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी अक्सर गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है, लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं बाल हृदय योजना ऐसे परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर पहचान, नि:शुल्क जांच, इलाज और बड़े अस्पतालों तक सुरक्षित पहुँच उपलब्ध कराकर यह योजना अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के संकल्प को साकार कर रही है। जिले में लगातार ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कई मासूम बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। यह भी पढ़ें- जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो बच्चों को मिला नया जीवन

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