किर्गिस्तान में कूटनीतिक कामयाबी
नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- एम जे अकबर,वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमवार को यह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) नहीं, दिल्ली सहयोग संगठन था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कुशल कूटनीति और शांति-प्रयासों के जरिये माहौल को भारत के पक्ष में बना दिया। उनके प्रयास उन दो संघर्षरत क्षेत्रों के संदर्भ में थे, जिनसे दुनिया भर में व्यापक पैमाने पर युद्ध बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ बैठक भारतीय प्रधानमंत्री के एजेंडे में सबसे ऊपर थी। इस अहम मुलाकात के जरिये प्रधानमंत्री मोदी ने मक्का समझौते (पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुआ रक्षा समझौता) पर हस्ताक्षर करने वाले देशों को कड़ा संदेश दिया कि एक-दूसरे की रक्षा करने या संघर्षों के दौरान सैन्य शक्ति साझा करने का वायदा करने वाले गठबंधन असल में वैश्विक सुर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.