शाहजहांपुर, अगस्त 29 -- शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में ऋण दिलाने के नाम पर हुए कथित फर्जीवाड़े की जांच में मशीनों की आपूर्ति को लेकर एक और चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। राजेश कुमार के नाम स्वीकृत 4.25 लाख रुपये के ऋण में जांच समिति ने पाया कि मशीन एक किराए के परिसर में पहुंचाई गई। बैंक का सत्यापन होने के बाद शिकायतकर्ता के अनुसार मशीन रजत गुप्ता या उसके किसी रिश्तेदार द्वारा वापस ले ली गई। इसके बाद लाभार्थी के पास न मशीन रही और न उसके बदले रकम पहुंची। इसके मामले में चौक कोतवाली पुलिस ने रजत गुप्ता पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट में समिति ने इस पूरे घटनाक्रम को मशीन वेंडर और ऋण एजेंट के स्तर पर मशीन की रकम के समायोजन की आशंका से जोड़ा है। खास बात यह है कि बैंक अभिलेखों में 20 नव...