वाराणसी, अप्रैल 17 -- प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किरायेदारी कानून के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मूल किरायेदार की मौत के बाद बेदखली के केस में उसके सभी वारिस पक्षकार नहीं बनेंगे। उनके ऊपर किरायेदारी संयुक्त रूप में हस्तांतरित होगी। किसी एक के खिलाफ केस चलाया ला सकता है। उन्हें अलग-अलग पक्षकार बनाना जरूरी नहीं है। न्यायमूर्ति डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने वाराणसी के आशीष कुमार अग्रवाल की याचिका खारिज करते हुए उपरोक्त आदेश दिया। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और पुनरीक्षण न्यायालय का फैसला बरकरार रखा। आदेश दिया कि ट्रायल कोर्ट किसी भी पक्ष को अनावश्यक रूप से 'स्टे' न दे। यह भी पढ़ें- किराएदार की मौत के बाद सभी वारिसों को बेदखली में पक्षकार बनाना जरूरी नहीं: हाईकोर्ट त्वरित सुनवाई कर छह महीने में मामले का निस...