नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए अप्रैल 2026 का महीना एक बड़े सियासी भूचाल का गवाह बना है। कभी अरविंद केजरीवाल के 'ब्लू-आईड बॉय' यानी सबसे चहेते माने जाने वाले राघव चड्ढा ने पार्टी से अपने 15 साल पुराने रिश्ते को खत्म करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। यह सिर्फ एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि पार्टी के संस्थापकों और अहम स्तंभों के धीरे-धीरे दूर होने की कड़ी का सबसे ताजा और पार्टी के लिए सबसे बड़ा झटका है। अन्ना आंदोलन से उपजी इस पार्टी में किरण बेदी से लेकर कुमार विश्वास तक कई बड़े चेहरे आए और चले गए, लेकिन 24 अप्रैल को 7 राज्यसभा सांसदों का एक साथ पार्टी छोड़ना AAP के लिए किसी बड़े अस्तित्व के संकट से कम नहीं है।राघव चड्ढा की बगावत और 7 सांसदों का इस्तीफा राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस क...