चंदौली, अप्रैल 7 -- धानापुर, हिन्दुस्तान संवाद। एक अप्रैल से सरकारी और निजी स्कूलों का नया सत्र आरंभ हो चुका है। दाखिले के साथ ही कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। वहीं अगली कक्षा में जाने के बाद किताब और कापी खरीदने में अभिभावकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों की पुस्तकें खरीदनी में हजारों रुपये देने पड़ रहे हैं। क्षेत्र में कई निजी स्कूलों में तो पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक की किताबों का सेट पांच से दस हजार रूपये तक पड़ रहा है।अभिभावकों का कहना है कि सैकड़ों की संख्या में संचालित निजी स्कूलों में अलग-अलग प्रकाशनों की पुस्तकों को पढ़ाया जा रहा है। इन निजी स्कूलों में प्रत्येक वर्ष हर कक्षा का सिलेबस बदल दिया जाता है। जिसके चलते प्रत्येक बच्चों को नई किताबें खरीदना लाचारी है। इसके ड्रेस भी चुनिंदा दुकानों...