प्रयागराज, जून 27 -- विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन तथा अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने के उ‌द्देश्य से जगत तारन गोल्डेन जुबिली स्कूल में शनिवार को 'किताबों से बाहर भी हैं अधिगम के अध्याय' विषय पर शिक्षक कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य वक्ता शालिनी बर्मन ने बताया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन, कला, खेल, प्रकृति भ्रमण, परियोजना कार्य तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे माध्यम भी सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रोचक बनाते हैं। शिक्षकों ने समूह गतिविधियों, प्रयोग से सिद्धान्त की ओर ज्ञान, विचार-विमर्श तथा विभिन्न मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से नवीन शिक्षण विधियों का अभ्यास किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों की जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने के लिए अनेक नवा...