किताबों के नाम पर खेल : 58 पन्नों की किताब 375 रुपये में, अभिभावक बेहाल
संभल, अप्रैल 7 -- जिले में स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किए जाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हकीकत यह है कि अधिकांश निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की केवल दो-चार किताबें ही लगाई गई हैं, जबकि बाकी किताबें निजी प्रकाशकों की ही चल रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन निजी किताबों के दाम बेहद ज्यादा रखे गए हैं। कक्षा 6 की एक किताब, जिसमें केवल 58 पेज हैं, उसकी कीमत 375 रुपये वसूली जा रही है, जबकि 95 पेज की दूसरी किताब 295 रुपये में बेची जा रही है। यही स्थिति अन्य कक्षाओं में भी देखने को मिल रही है, जहां कम पन्नों की किताबों के लिए अभिभावकों से मोटी रकम ली जा रही है।अभिभावकों का आरोप है कि निजी प्रकाशकों ने सिर्फ किताबों के कवर बदलकर उनके दाम बढ़ा दिए हैं और स्कूलों ...
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