कोडरमा, मार्च 30 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता किताबों की महंगी कीमतों ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। हर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में अभिभावकों को बच्चों की किताबों पर भारी खर्च करना पड़ रहा है। शहर के विभिन्न निजी स्कूलों में नामांकित प्रत्येक कक्षा के लिए औसतन पांच से आठ हजार रुपए तक की किताबें खरीदनी पड़ रही हैं, जो मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर सीधा असर डालती हैं। अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल हर साल किताबों में मामूली बदलाव कर देते हैं। शहर के शिक्षाविदों ने बताया कि मोटा मुनाफा के चक्कर में निजी स्कूलों द्वारा हर साल पब्लिकेशन को बदला जा रहा है। उधर सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को किताबें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।एनसीईआरटी की किताबें सस्ती, दुकानों पर उपलब्ध नहींशहर ...