मुजफ्फरपुर, जून 8 -- मुजफ्फरपुर। बीआरएबीयू में पीजी के विद्यार्थी अधूरे ज्ञान के साथ इम्तिहान देने को विवश हैं। यहां वर्ष 2018 में पीजी के सिलेबस में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू किया गया, लेकिन आठ वर्ष बाद भी पूरी किताबें नहीं आई हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि सत्र नियमित करने के चक्कर में विवि उनलोगों का सिलेबस पूरा करने पर ध्यान नहीं देता। कहा कि प्रथम सेमेस्टर में नामांकन तीन महीने पहले ही हुए हैं। हमलोगों ने अभी ठीक से सभी चैप्टर को देखा भी नहीं है और परीक्षा की तारीख आ गयी। अन्य सेमेस्टर के छात्रों ने कहा कि गेस के सहारे परीक्षा की नैया पार लगानी पड़ती है। इसी व्यवस्था में जैसे-तैसे पास भी कर गए तो दूसरी समस्या सर्टिफिकेट प्राप्त करने में होती है। प्रमाणपत्र का लंबा इंतजार कॅरियर को प्रभावित करता है। छात्र-छात्राओं ने इन समस्य...