भागलपुर, जून 19 -- भागलपुर, प्रधान संवाददाता। कोई आपराधिक घटना हुई। कहीं छापेमारी के लिए पुलिस पहुंची। कहीं जांच या अनुसंधान के लिए पुलिस पदाधिकारी पहुंचे। आपत्तिजनक सामान, शराब, अवैध हथियार या कोई अन्य सामान बरामद हुआ। ऐसे में बरामद सामान को सील करने और कोर्ट में प्रदर्शन के लिए तैयार करने के लिए गवाहों की जरूरत होती है। जब्ती सूची पर गवाहों के नाम और पता होना जरूरी होता है। उनका हस्ताक्षर भी होना जरूरी है। केस के आईओ बार-बार गवाह बनाते हैं। गवाह कौन हैं। क्या वे बार-बार पुलिस के लिए गवाह बन रहे हैं। अगर ऐसा है तो इस प्रथा को स्टॉक विटनेस कहते हैं। यानी किसी को बार-बार गवाह बनाना। अब इसको लेकर रिपोर्ट तलब की गई है। पुलिस मुख्यालय ने पेशेवर गवाहों का पूरा ब्योरा मांगा है。

पेशेवर गवाहों की जांच पेशेवर गवाह को लेकर कोर्ट ने एक वाद में न्या...