कानपुर, अप्रैल 3 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। डीसीपी ने बताया कि ये लोग ऑपरेशन से पहले दो डोनर को बुलाते थे। दोनों को मेडिकल फिटनेस मिलने के बाद ही सबसे बेहतर रिपोर्ट वाले व्यक्ति की किडनी निकाली जाती थी। एक डोनर को रिजर्व में रखा जाता था। गाजियाबाद के वैशाली में तीन लोग राजेश कुमार, कुलदीप सिंह राघव और मुद्स्सर अली सिद्दीकी एक गाड़ी से गए थे, जबकि दूसरी गाड़ी से लखनऊ जाने वालों में डॉ. सैफ, शैलेंद्र, अखिलेश व दो और लोग थे। दक्षिण अफ्रीकन महिला का किया था ट्रांसप्लांटजेल भेजे गए दोनों ओटी टेक्नीशियन में पुलिस को बताया कि मार्च में उन्होंने एक दक्षिण अफ्रीकन महिला का ऑपरेशन किया था। महिला का रंग काफी दबा हुआ था। उन्हें सटीक जानकारी तो नहीं है लेकिन ऑपरेशन के एवज में महिला से डेढ़ करोड़ रुपये तक वसूल किए गए थे।

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