हापुड़, मार्च 28 -- सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल में किडनी रोग उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। अस्पताल की चिकित्सकीय टीम ने एक जटिल आर्टेरियोवेनस फिस्टुला सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कर दी, जिससे क्रॉनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद जगी है। यह सर्जरी 47 वर्षीय महिला मरीज पर की गई, जो लंबे समय से किडनी की बीमारी और टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित थीं। उनकी नसें कमजोर होने के कारण डायलिसिस के लिए स्थायी रक्त मार्ग बनाना चुनौतीपूर्ण था। पहले उनका उपचार केंद्रीय शिरा कैथेटर के माध्यम से किया जा रहा था, जो अस्थायी और जोखिम भरा होता है।चिकित्सकों ने स्थायी समाधान के रूप में एवी फिस्टुला बनाने का निर्णय लिया, जिसे डायलिसिस के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है। यह सर्जरी डॉ. शिप्रा गर्ग ने कुशल...