वाराणसी, जून 12 -- वाराणसी। काशी सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने मांस-मछली की दुकानें शहर से बाहर करने के प्रस्ताव का स्वागत किया। कहा कि नगर निगम की पहल से काशी की पवित्रता, धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक पहचान बनी रहेगी। काशी की पहचान धर्म, दर्शन, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति के वैश्विक केंद्र के रूप में है। हमलोगों का दायित्व है कि हम इसे बचाए रखें। कहा कि सनातन परंपरा में शाकाहार सर्वोत्तम माना गया है। शाकाहारी जीवन शैली सकारात्मक विचार, करुणा, संयम और सात्विकता का विकास करती है। यह भी पढ़ें- जैन समाज ने मांस-मछली की दुकानें शहरी सीमा से बाहर करने के प्रस्ताव का स्वागत किया। श्री दिगंबर जैन समाज (काशी) के ऋषभ चंद और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि नगर निगम की पहल सराहनीय है। यह भी पढ़ें- काशी धर्म पीठाधीश्वर का आगमन

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