वाराणसी, जनवरी 24 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय पीठ की तरफ से शनिवार को 'विकसित भारत की भारतीय विदेश नीति की सभ्यतागत जड़ें' विषय पर एक विशेष व्याख्यान हुआ। मुख्य अतिथि जेएनयू के अंतरराष्ट्रीय राजनीति, संगठन और निरस्त्रीकरण केंद्र एवं संकाय प्रमुख प्रो. अमिताभ मट्टू ने कहा कि काशी हमें सिखाती है कि सभ्यता निरंतरता है। साथ ही बीएचयू सिखाता है कि निरंतरता जड़ता नहीं, नवोन्मेष है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने भारतीय ज्ञान प्रणालियों और प्रबंधन अध्ययन के बीच अंतर्संबंध को भी रेखांकित किया। कहा कि शैक्षणिक कार्य करते समय हमें अपनी व्यक्तिगत आस्थाओं और गौरव-बोध को अलग रखकर निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय ज्ञान प्रणाली को किसी एक विशेष ...
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