वाराणसी, जनवरी 2 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। लौकिक जगत में श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञानयज्ञ का प्रथम पारायण काशी में हुआ था। अब से पांच सौ साल पहले पुष्टिमार्ग की स्थापना करने के बाद जगद्गुरु वल्लभाचार्य ने काशी के जतनवर क्षेत्र में यह आयोजन किया था। ये बातें पं.अंबुजकुष्ण शास्त्री ने कहीं। वह भारत भारती परिषद की ओर से आसभैरव स्थित अग्रवाल भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु वल्लभाचार्य द्वारा आयोजित प्रथम ज्ञान यज्ञ में देवाधिदेव महादेव और बाबा कालभैरव साक्षत पधारे थे। इसके प्रमाण पुष्टिमार्ग के ग्रंथों में आज भी हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का मूल आधार वेद, ब्रह्मसूत्र, श्रीमद्भागवत ही हैं। प्रवचन से पूर्व दूसरे दिन के सत्र का शुभारंभ अयोध्या से आमंत्रित आचार्...
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