वाराणसी, मई 3 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। कला प्रकाश की प्रात:कालीन सांगीतिक शृंखला 'प्रभाती' में राग जौनपुरी के सुर मुखर हुए। रविवार को भेलूपुर स्थित होटल डायमंड में सभागार में हुए इस आयोजन में दीपशिखा ने शास्त्रीय गायन किया। दीपशिखा ने राग जौनपुरी में आलाप से गायन का आरंभ किया। इसके बाद इसी राग में झपताल में 'कौन सिखाए तोहे लला' और रूपक ताल में 'परम कृपाल भज रे गोपाल' बंदिशें सुनाईं। उन्होंने तीनताल में 'पायल भजन लागी' बंदिश से श्रोताओं को आनंदित किया। इसके बाद राग वृंदावनी सारंग में तीन ताल निबद्ध बंदिश 'कारी करूं मैं नार अकेली' तथा 'जाऊं तोपे बलिहारी' की सुरीली प्रस्तुति दी। अंत में राग मिश्र खमाज में निबद्ध ठुमरी 'देखे बिना नाहीं चैन' सुनाया। काशी के उदीयमान कलाकार प्रशांत मिश्र ने तबला पर यादगार संगत की। कलाकारों का स्वागत अनिल केश...